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रेलवे कर्मचारियों की Voluntary Retirement पर बड़ा बदलाव, Railway Board ने बदले नियम! जानिए कब रोकी जा सकती है VRS

रेलवे कर्मचारियों की Voluntary Retirement पर बड़ा बदलाव, Railway Board ने बदले नियम! जानिए कब रोकी जा सकती है VRS

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Date of Posting
12 October 2026
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All states

रेलवे कर्मचारियों की Voluntary Retirement पर बड़ा बदलाव, Railway Board ने बदले नियम! जानिए कब रोकी जा सकती है VRS

Subheading: RBE No. 56/2026 के जरिए Retirement Rules में महत्वपूर्ण संशोधन, Suspension, Charge Sheet और Judicial Proceedings लंबित होने पर Voluntary Retirement की अनुमति रोकने का प्रावधान स्पष्ट

रेलवे कर्मचारियों के लिए Voluntary Retirement यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। Railway Board ने RBE No. 56/2026 जारी करते हुए Indian Railway Establishment Code (IREC), Volume-II के Retirement Rules में संशोधन किया है।

यह संशोधन Rules 1802(b)(1), 1803(b)(1) और 1804(b) से संबंधित है। Railway Board के आदेश के अनुसार, संबंधित कर्मचारी यदि Voluntary Retirement लेना चाहता है और उसके खिलाफ कुछ विशेष प्रकार की विभागीय या न्यायिक कार्यवाही लंबित है, तो Appropriate Authority को उसकी Voluntary Retirement की अनुमति रोकने का अधिकार होगा।

किन कर्मचारियों पर लागू होगा यह प्रावधान?

Railway Board ने Advance Correction Slip No. 65 के माध्यम से IREC, Volume-II, Chapter-18 में Retirement Rules में संशोधन किया है।

संशोधन में मुख्य रूप से Rule 1802, Rule 1803 और Rule 1804 के तहत Voluntary Retirement से संबंधित प्रावधानों को बदला गया है।

इन परिस्थितियों में रोकी जा सकती है Voluntary Retirement

संशोधित प्रावधान के अनुसार Appropriate Authority किसी रेलवे कर्मचारी को Voluntary Retirement की अनुमति रोक सकती है, यदि:

  1. कर्मचारी Suspension में है;

  2. उसके खिलाफ Charge Sheet जारी हो चुकी है और Disciplinary Proceedings लंबित हैं; या

  3. ऐसे आरोपों पर Judicial Proceedings लंबित हैं, जिन्हें Grave Misconduct की श्रेणी में माना जा सकता है।

इस प्रकार केवल Voluntary Retirement का आवेदन देने से ऐसे मामलों में कर्मचारी को स्वतः सेवानिवृत्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। संबंधित परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी अनुमति रोक सकता है।

Judicial Proceedings कब मानी जाएंगी लंबित?

Railway Board ने इस प्रावधान में एक महत्वपूर्ण Explanation भी दिया है।

इसके अनुसार, इस Clause के उद्देश्य से Judicial Proceedings तब लंबित मानी जाएंगी जब किसी Police Officer की Complaint या Report, जिस पर Magistrate द्वारा Cognizance लिया गया हो, किसी Criminal Proceeding में की गई या दाखिल की गई हो।

यानी केवल किसी शिकायत की सामान्य स्थिति और ऐसी Criminal Proceeding जिसमें Magistrate ने Cognizance लिया हो, दोनों को एक समान नहीं माना गया है। आदेश में Judicial Proceedings की स्थिति को इसी Explanation के माध्यम से स्पष्ट किया गया है।

Rule 1802 में क्या बदला?

Rule 1802 के Clause (b)(1) में संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि Appropriate Authority उस रेलवे कर्मचारी की Voluntary Retirement की अनुमति रोक सकती है, यदि:

  • रेलवे कर्मचारी Suspension में हो;

  • Charge Sheet जारी हो चुकी हो और Disciplinary Proceedings लंबित हों; या

  • ऐसे आरोपों पर Judicial Proceedings लंबित हों जो Grave Misconduct की श्रेणी में आ सकते हैं।

यह संशोधित प्रावधान Advance Correction Slip No. 65 में स्पष्ट रूप से दिया गया है।

Rule 1803 में भी समान बदलाव

Rule 1803 के Clause (b)(1) में भी लगभग इसी प्रकार का संशोधन किया गया है।

इसमें भी Appropriate Authority को Voluntary Retirement की अनुमति रोकने का अधिकार दिया गया है, यदि कर्मचारी Suspension में है, उसके खिलाफ Charge Sheet जारी हो चुकी है और Disciplinary Proceedings लंबित हैं अथवा Grave Misconduct से संबंधित Judicial Proceedings लंबित हैं।

Rule 1804 में क्या है खास?

Rule 1804 में Group 'C' के ऐसे रेलवे कर्मचारी से संबंधित प्रावधान है जो किसी Pension Rules के अंतर्गत governed नहीं है।

संशोधित प्रावधान में 30 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद संबंधित कर्मचारी द्वारा Appropriate Authority को तीन महीने की लिखित सूचना देकर सेवा से Retirement लेने की व्यवस्था का उल्लेख है। हालांकि, इस मामले में भी यदि कर्मचारी Suspension में है, Charge Sheet जारी हो चुकी है और Disciplinary Proceedings लंबित हैं, या गंभीर कदाचार से संबंधित Judicial Proceedings लंबित हैं, तो Appropriate Authority उसकी Voluntary Retirement की अनुमति रोक सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण: संशोधन 2014 से प्रभावी

RBE No. 56/2026 की सबसे महत्वपूर्ण बात इसकी retrospective effect है।

Railway Board के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश 17.01.2014 से प्रभावी होगा।

साथ ही यह भी कहा गया है कि मौजूदा प्रावधानों के तहत पहले से तय किए जा चुके मामलों को दोबारा खोलने की आवश्यकता नहीं होगी।

अर्थात Railway Board ने 2026 में आदेश जारी किया है, लेकिन संशोधन की प्रभावशीलता 17 जनवरी 2014 से निर्धारित की गई है।

Railway Board ने क्यों किया संशोधन?

Railway Board के आदेश के अनुसार, यह मामला DoP&T द्वारा Fundamental Rule 56(k), 56(m) तथा CCS (Pension) Rules, 1972 से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा के बाद सामने आया।

आदेश में बताया गया है कि DoP&T ने 04 अगस्त 2010 के Central Administrative Tribunal, Principal Bench के निर्णय के संदर्भ में संबंधित प्रावधानों की समीक्षा की। इसके बाद DoP&T ने DoP&PW और Ministry of Law के परामर्श से Fundamental Rules में संशोधन किया था। इसी संदर्भ में Railway Board ने अपने Retirement Rules में संबंधित संशोधन किया है।

कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है?

इस संशोधन का सीधा महत्व उन रेलवे कर्मचारियों के लिए है जो Voluntary Retirement लेने की योजना बना रहे हैं और उनके खिलाफ विभागीय या न्यायिक कार्रवाई लंबित है।

ऐसे मामलों में कर्मचारी केवल VRS का आवेदन देकर यह दावा नहीं कर सकता कि उसे अनिवार्य रूप से Voluntary Retirement की अनुमति मिल जाएगी। यदि ऊपर बताई गई परिस्थितियां मौजूद हैं, तो Appropriate Authority अनुमति रोक सकती है।

दूसरी ओर, आदेश में यह भी स्पष्ट है कि पहले से मौजूदा प्रावधानों के तहत तय मामलों को केवल इस संशोधन के कारण दोबारा खोलने की आवश्यकता नहीं है।

रेलवे कर्मचारियों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

यदि कोई कर्मचारी Voluntary Retirement के लिए आवेदन करने की योजना बना रहा है, तो उसे अपनी स्थिति के संबंध में विशेष रूप से यह देखना चाहिए कि:

  • क्या वह Suspension में है?

  • क्या उसके खिलाफ Charge Sheet जारी हो चुकी है?

  • क्या Disciplinary Proceedings लंबित हैं?

  • क्या उसके खिलाफ ऐसा Judicial Proceeding लंबित है जिसे नियमों के अनुसार Grave Misconduct से जुड़े मामले के रूप में देखा जा सकता है?

इन परिस्थितियों में Voluntary Retirement की अनुमति प्रभावित हो सकती है।

निष्कर्ष

Railway Board का RBE No. 56/2026 Voluntary Retirement के नियमों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आदेश है। इसके माध्यम से IREC Volume-II के Rules 1802(b)(1), 1803(b)(1) और 1804(b) में संशोधन किया गया है।

सबसे अहम बदलाव यह है कि Suspension, लंबित Charge Sheet/Disciplinary Proceedings या गंभीर कदाचार से संबंधित लंबित Judicial Proceedings की स्थिति में Appropriate Authority को Voluntary Retirement की अनुमति रोकने का अधिकार स्पष्ट किया गया है।

इसके अलावा, इस संशोधन को 17 जनवरी 2014 से प्रभावी किया गया है, जबकि पहले से तय मामलों को दोबारा खोलने की आवश्यकता नहीं बताई गई है।

दस्तावेज: Railway Board RBE No. 56/2026 — Advance Correction Slip No. 65, Indian Railway Establishment Code, Volume-II, Chapter-18.

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