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जोखिम भरा काम, Risk Allowance और वार्षिक मेडिकल जांच: रेलवे कर्मचारियों के लिए क्या कहते हैं नियम?

जोखिम भरा काम, Risk Allowance और वार्षिक मेडिकल जांच: रेलवे कर्मचारियों के लिए क्या कहते हैं नियम?

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Date of Posting
30 September 2026

रेलवे में Risk Allowance: जोखिम की पहचान हुई, अब समीक्षा की बारी

रेलवे में काम केवल पटरियों, ट्रेनों और स्टेशनों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे हजारों कर्मचारी ऐसे कार्य करते हैं जिनमें स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले जोखिम लगातार मौजूद रहते हैं। रसायनों, धुएं, धातु की धूल, इलेक्ट्रोलाइट, भट्ठियों, सीवर और अन्य hazardous processes में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए Risk Allowance इसी occupational risk को मान्यता देने की व्यवस्था है।

लेकिन उपलब्ध Railway Board और DoP&T के आदेशों को देखने पर एक महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आता है—क्या Risk Allowance की वर्तमान व्यवस्था आज के कार्यस्थल और जोखिमों के अनुरूप है?

₹90 से ₹900 तक की दर

इस विषय में सबसे पहले एक भ्रम दूर करना जरूरी है। Risk Allowance केवल ₹90 प्रतिमाह नहीं है। संलग्न DoP&T के 02 सितंबर 2022 के consolidated instructions में कर्मचारी की श्रेणी के अनुसार संशोधित दरें ₹90 से ₹900 प्रतिमाह तक दी गई हैं। इनमें Unskilled Workers के लिए ₹90, Semi-skilled के लिए ₹135, Skilled Workers के लिए ₹180 और Supervisors के लिए ₹225 प्रतिमाह हैं। कुछ विशेष श्रेणियों, जैसे Nitro Glycerine Preparation तथा Danger Building Officers के लिए दरें क्रमशः ₹405, ₹675 और ₹900 तक हैं। ये दरें 03.11.2020 से प्रभावी बताई गई हैं।

कर्मचारी श्रेणी

Risk Allowance

Unskilled Workers

₹90/माह

Semi-skilled Workers

₹135/माह

Skilled Workers

₹180/माह

Supervisors

₹225/माह

Non-Gazetted Officers – Nitro Glycerine Preparation

₹405/माह

Gazetted Officers – Nitro Glycerine Preparation

₹675/माह

Danger Building Officers

₹900/माह

यह अंतर बताता है कि व्यवस्था में कर्मचारी की श्रेणी और कार्य की प्रकृति दोनों को महत्व दिया गया है।

केवल पद नहीं, काम का जोखिम महत्वपूर्ण

DoP&T के आदेश में Risk Allowance को उन कर्मचारियों से जोड़ा गया है जो hazardous duties में लगे हैं अथवा जिनके काम से लंबे समय में स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसमें underground drains, sewer lines और कुछ अन्य जोखिमपूर्ण कार्यों का भी उल्लेख है।

यानी मूल विचार यह है कि Risk Allowance सामान्य कार्यस्थल भत्ता नहीं, बल्कि विशिष्ट occupational risk की मान्यता है।

यहीं से व्यवस्था की अगली परीक्षा शुरू होती है। कार्यस्थल बदल रहे हैं, प्रक्रियाएं बदल रही हैं और occupational hazards का स्वरूप भी बदल सकता है। ऐसे में समय-समय पर यह देखना आवश्यक है कि निर्धारित categories आज भी वास्तविक जोखिमों को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं या नहीं।

Railway Board ने स्वास्थ्य निगरानी को भी जोड़ा

Railway Board का RBE 111/2023 दिनांक 05.10.2023 इस विषय को केवल monetary allowance तक सीमित नहीं रखता। इसमें RBE 30/2021 का संदर्भ देते हुए Risk Allowance प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के yearly medical check-up पर जोर दिया गया है। Railway Board ने अपने पत्र में DoP&T के 02.09.2022 के consolidated instructions का उल्लेख करते हुए संबंधित in-charges को ऐसे कर्मचारियों को annual check-up के लिए भेजने को कहा है।

यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे Risk Allowance और occupational health के बीच सीधा संबंध दिखाई देता है।

यदि किसी कार्य को जोखिमपूर्ण मानकर उसके लिए विशेष allowance दिया जा रहा है, तो उस जोखिम के संभावित स्वास्थ्य प्रभावों की नियमित निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है।

नई categories के लिए रास्ता खुला है

इस पूरे विषय का शायद सबसे महत्वपूर्ण पहलू DoP&T के आदेश के पेज 4 में मिलता है। इसमें कहा गया है कि यदि कोई नई category निर्धारित criteria को पूरा करती है, तो संबंधित Ministry/Department अपने Associate Finance और DoP&T के परामर्श से उसे Risk Allowance के लिए शामिल करने का प्रस्ताव आगे बढ़ा सकता है।

इसका अर्थ यह है कि Risk Allowance की व्यवस्था को पूरी तरह स्थिर और अपरिवर्तनीय नहीं माना गया है। निर्धारित criteria पूरा करने वाली नई categories को शामिल करने का रास्ता मौजूद है।

यही प्रावधान बदलते occupational hazards के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है।

अब बहस किस बात पर हो?

Risk Allowance पर चर्चा केवल इस सवाल तक सीमित नहीं होनी चाहिए कि राशि ₹90 है, ₹180 है या ₹225। वास्तविक प्रश्न इससे व्यापक है।

क्या वर्तमान categories में आज के सभी महत्वपूर्ण occupational risks पर्याप्त रूप से शामिल हैं?

क्या पात्र कर्मचारियों की पहचान नियमित रूप से की जाती है?

क्या Risk Allowance प्राप्त करने वाले सभी कर्मचारियों का वार्षिक medical check-up वास्तव में सुनिश्चित हो रहा है?

और सबसे महत्वपूर्ण—

क्या वर्षों से निर्धारित दरों और categories की वर्तमान परिस्थितियों में पर्याप्त समीक्षा हुई है?

इन प्रश्नों का उत्तर प्रशासनिक आंकड़ों, occupational-health records और वास्तविक कार्यस्थल के assessment के आधार पर दिया जाना चाहिए।

निष्कर्ष

Railway Board का RBE 111/2023 और उसके साथ संलग्न DoP&T का consolidated instruction एक महत्वपूर्ण बात स्पष्ट करता है—Risk Allowance केवल अतिरिक्त भुगतान की व्यवस्था नहीं है; यह occupational risk की आधिकारिक पहचान से जुड़ा हुआ विषय है।

वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग कर्मचारी categories के लिए ₹90 से ₹900 तक की दरें हैं और जोखिम में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए periodic/annual medical examination पर भी जोर दिया गया है।

अब आवश्यकता इस बात की है कि Risk Allowance को केवल पुराने आदेशों की सूची के रूप में न देखा जाए। वर्तमान कार्यप्रणाली, वास्तविक occupational exposure, पात्र categories, medical surveillance और allowance rates—इन सभी की समग्र समीक्षा समय-समय पर होना इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बना सकता है।

क्योंकि आखिरकार Risk Allowance का मूल सवाल केवल "कितना भत्ता?" नहीं है।

सवाल यह है कि "जिस जोखिम को सरकार ने मान्यता दी है, क्या उसकी पहचान, निगरानी और compensation की व्यवस्था भी समय के साथ उसी अनुपात में विकसित हो रही है?"

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