
Pensioners के लिए बड़ी खबर? Commuted Pension की बहाली 15 से घटकर 11 साल होगी?
- Date of Posting
- 11 October 2026
8वें वेतन आयोग में Pensioners की बड़ी मांग: 15 साल नहीं, 11 साल में बहाल हो Commuted Pension! NCJCM और BPS ने उठाया मुद्दा
NCJCM के Common Memorandum और Bharat Pensioners Samaj की मांग से Commuted Pension की बहाली अवधि पर फिर चर्चा तेज। जानिए मौजूदा नियम, 11 साल के प्रस्ताव और पेंशनर्स को होने वाले संभावित फायदे की पूरी जानकारी।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के सामने उठाए गए अहम मुद्दों में Commuted Pension की बहाली की अवधि 15 साल से घटाकर 11 साल करने की मांग भी शामिल है। National Council–Joint Consultative Machinery (NCJCM), Staff Side ने अपने Common Memorandum में इस विषय को उठाया है। वहीं, Bharat Pensioners Samaj (BPS) ने भी सितंबर 2026 में केंद्र सरकार और 8वें वेतन आयोग से मौजूदा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा करने का अनुरोध किया।
पेंशनर्स का मुख्य तर्क है कि कम्यूटेशन से जुड़ी पुरानी गणना और आर्थिक परिस्थितियों की वर्तमान ब्याज दरों, जीवन प्रत्याशा तथा अन्य Actuarial Parameters के आधार पर समीक्षा होनी चाहिए। हालांकि, अभी तक सरकार ने 11 साल में Commuted Pension बहाल करने का कोई नया नियम लागू नहीं किया है। फिलहाल मौजूदा नियम के अनुसार बहाली की अवधि 15 साल ही है।
Commuted Pension क्या होती है?
रिटायरमेंट के समय पात्र सरकारी कर्मचारी अपनी मासिक पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त राशि के रूप में प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं। इसे Commutation of Pension कहा जाता है। इसके बदले उनकी मासिक पेंशन में कम्यूट किए गए हिस्से के बराबर कटौती होती है।
केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारियों के लिए सामान्य नियमों के तहत अधिकतम 40% पेंशन कम्यूट की जा सकती है। इस विकल्प से कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय एकमुश्त रकम मिलती है, लेकिन हर महीने मिलने वाली पेंशन कम हो जाती है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी पेंशनर की मूल मासिक पेंशन ₹50,000 है और वह 40% पेंशन कम्यूट करता है, तो ₹20,000 के हिस्से के बदले उसे नियमों के अनुसार एकमुश्त राशि मिलेगी। इसके बाद मूल पेंशन का शेष हिस्सा ₹30,000 रह जाएगा। अन्य लागू समायोजन अलग हो सकते हैं।
अभी क्या है Commuted Pension की बहाली का नियम?
CCS (Commutation of Pension) Rules, 1981 के Rule 10-A के अनुसार, कम्यूट की गई पेंशन का हिस्सा उस तारीख से 15 साल पूरे होने पर बहाल किया जाता है, जिस तारीख से कम्यूटेशन के कारण पेंशन में कटौती प्रभावी हुई थी।
यदि पेंशन की राशि में संशोधन के कारण कम्यूटेशन का भुगतान एक से अधिक अवसरों पर हुआ है, तो संबंधित हिस्सों की बहाली की अवधि उनकी संबंधित प्रभावी तारीखों के अनुसार निर्धारित होती है।
इसका अर्थ है कि 15 साल की अवधि पूरी होने से पहले कम्यूट किए गए हिस्से की कटौती सामान्यतः जारी रहती है। पेंशनर्स संगठनों की मांग है कि मौजूदा अवधि को नए वित्तीय और Actuarial Parameters के आधार पर फिर से परखा जाए।
NCJCM ने 8वें वेतन आयोग के सामने क्या मांग रखी?
National Council–JCM की Staff Side ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को दिए गए Common Memorandum में पेंशनर्स से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं। इनमें Commuted Pension की बहाली की अवधि घटाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
NCJCM के ज्ञापन में कहा गया है कि Commutation of Pension Rules, 1981 के तहत बहाली की मौजूदा अवधि पुराने वित्तीय और Actuarial Parameters पर आधारित है। समय के साथ ब्याज दरों, जीवन प्रत्याशा, मृत्यु-दर और अन्य जोखिम संबंधी मानकों में बदलाव आया है। इसलिए बहाली की अवधि का नए सिरे से आकलन किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में दिए गए एक उदाहरण के अनुसार, 61 वर्ष की आयु के अगले जन्मदिन वाले पेंशनर के लिए 8.194 के Commutation Factor के आधार पर ₹100 मासिक पेंशन कम्यूट करने पर लगभग ₹9,833 की एकमुश्त राशि का उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। NCJCM की गणना में 10 साल में ₹12,000 और 15 साल में ₹18,000 की कुल पेंशन कटौती का तुलनात्मक उदाहरण भी दिया गया है।
यह NCJCM के ज्ञापन में दिया गया उदाहरण है, सभी पेंशनर्स के लिए लागू कोई सार्वभौमिक या स्वतंत्र रूप से प्रमाणित गणना नहीं। वास्तविक आंकड़े संबंधित Commutation Factor, आयु और लागू नियमों पर निर्भर करते हैं।
NCJCM का प्रस्ताव है कि इन परिस्थितियों की समीक्षा करते हुए Commuted Pension की बहाली 11 साल बाद करने की सिफारिश पर विचार किया जाए।
Bharat Pensioners Samaj ने भी 11 साल में बहाली की मांग की
NCJCM के अलावा, Bharat Pensioners Samaj (BPS) ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और 8वें वेतन आयोग को पत्र लिखा है।
21 सितंबर 2026 को भेजे गए अपने प्रतिनिधित्व में BPS ने 15 साल की बहाली अवधि की समीक्षा करने और इसे घटाकर 11 साल करने के प्रस्ताव पर विचार करने का अनुरोध किया। संगठन ने अपनी मांग के संदर्भ में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के 16 सितंबर 2026 के फैसले का भी उल्लेख किया।
BPS ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
Commutation Table और Commutation Factors की नई Actuarial Review कराई जाए।
ब्याज या Discount Rates, Mortality Data और Life Expectancy से जुड़े मानकों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
मौजूदा 15 साल की बहाली अवधि को वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर परखा जाए।
अंतरिम प्रस्ताव के रूप में 11 साल बाद Commuted Pension बहाल करने पर विचार किया जाए।
विषय की निष्पक्ष समीक्षा के लिए विशेषज्ञों और Actuaries की समिति बनाने पर विचार किया जाए।
नियमों में संशोधन होने की स्थिति में मौजूदा पेंशनर्स को उसका लाभ देने की संभावना भी कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से देखी जाए।
BPS का कहना है कि 8वां वेतन आयोग इस मुद्दे की समीक्षा करने का उपयुक्त अवसर हो सकता है।
11 साल में बहाली होने पर पेंशनर्स को क्या फायदा हो सकता है?
यदि सरकार भविष्य में 15 साल की जगह 11 साल में बहाली का नियम लागू करती है, तो पात्र पेंशनर्स को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में चार साल पहले कम्यूट किया गया पेंशन हिस्सा वापस मिल सकता है।
इसका संभावित प्रभाव यह होगा कि बहाली की नई अवधि पूरी करने वाले पेंशनर्स की मासिक पेंशन में कम्यूट किया गया हिस्सा फिर से जुड़ सकेगा। इससे उनकी नियमित मासिक आय बढ़ सकती है।
लेकिन वास्तविक लाभ संबंधित पेंशनर की पेंशन, कम्यूट की गई राशि, बहाली की प्रभावी तारीख और सरकार द्वारा बनाए जाने वाले नियमों पर निर्भर करेगा। यदि कोई बदलाव भविष्य में मंजूर होता है, तो यह भी देखना होगा कि वह केवल नए मामलों पर लागू होगा या पहले से रिटायर हो चुके पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिलेगा।
क्या सरकार ने 15 साल की अवधि घटाकर 11 साल कर दी है?
नहीं। अभी 11 साल में Commuted Pension बहाल करने का प्रस्ताव मंजूर होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
NCJCM और BPS की मांगें 8वें वेतन आयोग के सामने रखे गए प्रस्ताव हैं। किसी संगठन की मांग या ज्ञापन अपने आप सरकारी नियम में बदलाव नहीं करता। इसी तरह किसी न्यायालय के फैसले का उल्लेख किसी प्रतिनिधित्व में होने का अर्थ यह नहीं है कि पूरे देश के पेंशनर्स के लिए बहाली की अवधि अपने आप बदल गई है।
फिलहाल लागू CCS (Commutation of Pension) Rules, 1981 के Rule 10-A के तहत 15 साल की अवधि ही प्रभावी है। अवधि में बदलाव के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा लागू नियमों या निर्देशों में आवश्यक संशोधन करना होगा।
8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स की क्या उम्मीदें हैं?
8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को उम्मीद है कि वह रिटायरमेंट लाभों और पेंशन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते समय Commuted Pension की बहाली अवधि पर भी विचार करेगा। NCJCM और BPS की मांगों के बाद यह विषय पेंशनर्स के बीच चर्चा में है।
अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या आयोग मौजूदा 15 साल की अवधि को बनाए रखने की सिफारिश करेगा या नई Actuarial Review के आधार पर इसे कम करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। इसका जवाब आयोग की सिफारिशों और उसके बाद सरकार के निर्णय से ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पेंशनर्स को 11 साल में बहाली को स्वीकृत नियम मानकर कोई वित्तीय योजना नहीं बनानी चाहिए। आधिकारिक आदेश जारी होने तक मौजूदा 15 साल का नियम ही लागू माना जाएगा।
स्रोत और आधिकारिक दस्तावेज
NCJCM Staff Side का 8वें वेतन आयोग को दिया गया Common Memorandum: StaffNews पर दस्तावेज़ और विवरण
NCJCM की Commuted Pension संबंधी मांगों का समाचार विवरण: Economic Times
Bharat Pensioners Samaj का 21 सितंबर 2026 का प्रतिनिधित्व: StaffNews
CCS (Commutation of Pension) Rules, 1981 — Rule 10-A: भारत सरकार का आधिकारिक दस्तावेज़
Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध ज्ञापनों, नियमों और प्रकाशित समाचारों पर आधारित है। 11 साल में Commuted Pension की बहाली अभी एक मांग है, सरकार द्वारा लागू किया गया नया नियम नहीं।
Read more

रेलवे कर्मचारियों के Promotion और Transfer में HRMS बना चुनौती? HRMS system में सामने आईं तकनीकी समस्याएं
10 Oct 2026
रेलवे में रिटायर्ड कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति पर बड़ा अपडेट: योजना 2028 तक बढ़ी, जानिए किन पदों पर मिलेगा मौका
9 Oct 2026
रेलवे कर्मचारियों के हजारों करोड़ के बकाये पर सवाल! भत्तों के भुगतान के लिए रेलवे क्या कदम उठाएगी।
9 Oct 2026
8th CPC: बच्चों की पढ़ाई के लिए CEA ₹12,500 प्रतिमाह तक क्यों होना चाहिए?
7 Oct 2026
