
रेलवे कर्मचारियों के Promotion और Transfer में HRMS बना चुनौती? HRMS system में सामने आईं तकनीकी समस्याएं
- Date of Posting
- 10 October 2026
रेलवे कर्मचारियों के Promotion और Transfer में HRMS बना चुनौती? HRMS system में सामने आईं तकनीकी समस्याएं
नई दिल्ली | सरकारी कर्मचारी समाचार :- भारतीय रेलवे में Human Resource Management System (HRMS) का उद्देश्य कर्मचारियों की Service Records, Promotion, Transfer और अन्य स्थापना संबंधी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना तथा प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। हालांकि, कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों से संकेत मिलता है कि सिस्टम में डेटा अपडेट, अलग-अलग मॉड्यूल के बीच तालमेल और तकनीकी गड़बड़ियां कुछ मामलों में कर्मचारियों के काम को प्रभावित कर सकती हैं।
फरवरी 2026 में आयोजित Departmental Council of Railways की JCM बैठक में AIRF की ओर से Promotion, Transfer, MACP और Service Records से संबंधित कई समस्याएं उठाई गईं। इसके अलावा, अगस्त 2026 में AIRF ने HRMS Mutual Transfer Module में तकनीकी समस्या को लेकर Railway Board से हस्तक्षेप की मांग की।
Promotion प्रक्रिया में क्यों आ सकती है देरी?
JCM बैठक के विवरण के अनुसार, HRMS Promotion Module में आगे की कार्रवाई के लिए Seniority, Annual Performance Appraisal Report (APAR) और Roster जैसे संबंधित रिकॉर्ड का अपडेट होना जरूरी है।
AIRF ने बताया कि कुछ मामलों में Seniority List मैन्युअल रूप से जारी होने के बावजूद HRMS में अपडेट नहीं होती। इसी तरह, APAR की प्रक्रिया मैन्युअल रूप से पूरी होने या उसकी ग्रेडिंग के विरुद्ध अपील लंबित रहने पर Promotion Module में आगे की कार्रवाई रुक सकती है।
इसका अर्थ यह है कि कर्मचारी पात्र होने के बावजूद, यदि जरूरी रिकॉर्ड सिस्टम में उपलब्ध या अपडेट नहीं हैं, तो Promotion की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, बैठक में उठाए गए इन मुद्दों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि रेलवे के सभी Promotion मामलों में देरी HRMS के कारण हो रही है। इसके लिए संबंधित मामलों और लंबित फाइलों के अलग-अलग रिकॉर्ड की जरूरत होगी।
Transfer Module में तकनीकी समस्या का मामला
11 अगस्त 2026 को प्रकाशित AIRF के पत्र में HRMS Mutual Transfer Module की एक विशिष्ट तकनीकी समस्या का उल्लेख किया गया।
AIRF के अनुसार, 16 मई 2026 के सिस्टम अपडेट के बाद कुछ Mutual Transfer Applications को अलग-अलग Cadre IDs के कारण अस्वीकार किया जा रहा था, जबकि संबंधित कर्मचारियों के बारे में दावा किया गया कि उनका Designation, Department और Pay Level समान था।
पत्र में बताया गया कि सिस्टम इस संदेश के साथ आवेदन अस्वीकार कर रहा था कि Mutual Transfer केवल समान Designation/Cadre के भीतर हो सकता है।
AIRF ने Railway Board से इस तकनीकी समस्या को CRIS और संबंधित विभागों के साथ मिलकर ठीक करने तथा RBE No. 08/2019 के अनुरूप पात्रता की जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
यहां ध्यान देना जरूरी है कि यह AIRF द्वारा दर्ज की गई समस्या और की गई मांग का विवरण है। उपलब्ध पत्र से प्रभावित कर्मचारियों की अखिल भारतीय संख्या या सभी मामलों में समस्या के समाधान की स्थिति स्पष्ट नहीं होती।
Service Records और अन्य HRMS समस्याएं
JCM बैठक में कुछ अन्य मुद्दे भी उठाए गए:
Service Records: Technical Resignation के मामले में HRMS में उपलब्ध Electronic Service Record (e-SR) को डाउनलोड करने की सुविधा न होने की समस्या बताई गई।
गलत Designation: कुछ कर्मचारियों के दूसरे Railway में Transfer के बाद HRMS में गलत Designation दर्ज होने की शिकायत की गई।
MACP: कर्मचारियों को समय पर MACP का लाभ न मिलने का मुद्दा उठाया गया और MACP Module को प्राथमिकता देने की मांग की गई।
UMID और IPAS डेटा: इन प्रणालियों का डेटा HRMS में रियल-टाइम पर प्रदर्शित न होने की समस्या बताई गई।
Seniority Records: मैन्युअल Transfer Applications का HRMS Seniority Module में प्रतिबिंबित न होना भी चर्चा का विषय रहा।
ये सभी मुद्दे बैठक के विवरण में कर्मचारी पक्ष की ओर से उठाए गए थे। इन्हें रेलवे के प्रत्येक कर्मचारी या प्रत्येक जोन में मौजूद समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
HRMS का उद्देश्य और कर्मचारियों की अपेक्षाएं
रेलवे ने HRMS को कर्मचारियों के रिकॉर्ड और स्थापना संबंधी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण के लिए विकसित किया है। PIB की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसके विभिन्न मॉड्यूल में Employee Master, Electronic Service Record, APAR, Pass और Office Orders जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
डिजिटल व्यवस्था से कर्मचारियों को अपने रिकॉर्ड तक पहुंच और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुविधा मिल सकती है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि पुराने रिकॉर्ड सही तरीके से पोर्ट किए जाएं, अलग-अलग मॉड्यूल में डेटा एक-दूसरे से मेल खाए और त्रुटियों को समय पर सुधारा जाए।
यदि किसी कर्मचारी का Promotion, Transfer या Service Record गलत डेटा अथवा तकनीकी बाधा के कारण लंबित है, तो संबंधित प्रशासनिक कार्यालय को मामले की जांच कर नियमानुसार सुधार करना चाहिए।
अब क्या जरूरी है?
कर्मचारी संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों के आधार पर कुछ व्यावहारिक कदम महत्वपूर्ण हैं:
HRMS में Seniority, APAR और Roster से जुड़े डेटा को नियमित रूप से अपडेट किया जाए।
मैन्युअल रूप से जारी पुराने आदेशों और HRMS रिकॉर्ड का मिलान किया जाए।
गलत Designation या Cadre Mapping के मामलों में सुधार की समयबद्ध व्यवस्था हो।
Transfer या Promotion आवेदन तकनीकी कारण से अस्वीकार होने पर शिकायत और समीक्षा की स्पष्ट प्रक्रिया उपलब्ध हो।
कर्मचारियों को अपने लंबित मामलों की स्थिति और सुधार के बारे में जानकारी दी जाए।
इन उपायों की आवश्यकता को समझने के लिए रेलवे को HRMS के कारण लंबित मामलों, तकनीकी रूप से अस्वीकार आवेदनों और रिकॉर्ड सुधार में लगने वाले समय के आंकड़े भी उपलब्ध कराने चाहिए।
Officer का Transfer और Digital Signature Authorization
डिजिटल प्रशासन में संबंधित अधिकारी की पहचान, पदस्थापना और स्वीकृति संबंधी अधिकारों का सही तरीके से कॉन्फिगर होना जरूरी है। यदि अधिकारी का Transfer या Posting हो गया हो, लेकिन संबंधित डिजिटल अधिकारों का अपडेट समय पर पूरा न हो, तो उसके स्तर पर लंबित फाइलों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका रहती है।
इस विषय में यह अंतर समझना जरूरी है कि Digital Signature Certificate, अधिकारी की HRMS Mapping और किसी विशेष डिजिटल Workflow में Approval Authority अलग-अलग व्यवस्थाएं हो सकती हैं। हर मामले में देरी का कारण एक जैसा नहीं होगा।
इसलिए यह जांचना आवश्यक है कि Transfer के बाद डिजिटल अधिकारों को अपडेट करने की निर्धारित प्रक्रिया क्या है, उसमें कितना समय लगता है और इस दौरान लंबित फाइलों के निपटारे के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं।
निष्कर्ष
फरवरी 2026 की JCM बैठक और अगस्त 2026 के AIRF पत्र से स्पष्ट होता है कि रेलवे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने HRMS के कुछ मॉड्यूल में डेटा अपडेट, Promotion Processing और Mutual Transfer से संबंधित समस्याएं उठाई हैं।
लेकिन इन दस्तावेजों से अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि देशभर में कितने कर्मचारी प्रभावित हुए या कुल कितने Promotion और Transfer मामले HRMS के कारण लंबित हैं। इस विषय पर अधिक ठोस निष्कर्ष के लिए Railway Board या जोनल रेलवे से लंबित मामलों और तकनीकी शिकायतों का आधिकारिक डेटा आवश्यक है।
कर्मचारियों के लिए डिजिटल व्यवस्था तभी प्रभावी होगी, जब सिस्टम में दर्ज जानकारी सही हो और तकनीकी प्रक्रिया के कारण किसी पात्र कर्मचारी का मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
Read more

रेलवे कॉलोनियों की हालत खस्ता? ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा: कॉलोनियों पर कितना खर्च हो रहा है?
10 Oct 2026
रेलवे में रिटायर्ड कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति पर बड़ा अपडेट: योजना 2028 तक बढ़ी, जानिए किन पदों पर मिलेगा मौका
9 Oct 2026
रेलवे कर्मचारियों के हजारों करोड़ के बकाये पर सवाल! भत्तों के भुगतान के लिए रेलवे क्या कदम उठाएगी।
9 Oct 2026
8th CPC: बच्चों की पढ़ाई के लिए CEA ₹12,500 प्रतिमाह तक क्यों होना चाहिए?
7 Oct 2026
